क्षमा वाणी पर्व पर संदेश
3
क्षमा वाणी पर्व पर संदेश
क्षमा वाणी पर्व आत्मशुद्धि, विनम्रता और अहिंसा का पावन अवसर है। इस दिन हम अपने मन, वचन और कर्म से हुई भूलों के लिए सभी जीवों से क्षमा मांगते हैं और दूसरों को भी हृदय से क्षमा करते हैं।
मिच्छामि दुक्कडम्।
यदि जाने-अनजाने में मेरे द्वारा आपके मन को दुःख पहुँचा हो, मेरे शब्दों या व्यवहार से कोई कष्ट हुआ हो, तो मैं हृदय से क्षमा चाहता/चाहती हूँ।
आध्यात्मिक संदेश
क्षमा केवल शब्द नहीं, बल्कि आत्मा को हल्का और पवित्र बनाने की साधना है। जहाँ क्षमा है, वहाँ अहंकार कम होता है, वैर मिटता है और मैत्री भाव बढ़ता है।
शुभकामना
क्षमा वाणी पर्व हम सभी के जीवन में शांति, सद्भाव, करुणा और आत्मकल्याण का प्रकाश लाए।
मिच्छामि दुक्कडम्।