Samast guno ka sthaan konsa ang hai
जैन दर्शन के अनुसार, "समस्त गुणों का स्थान" जीव (आत्मा) है। जैनागम में कहा गया है कि आत्मा में अनंत गुण विद्यमान होते हैं, जैसे—अनंत ज्ञान (ज्ञान), अनंत दर्शन (दर्शन), अनंत सुख (सुख), अनंत शक्ति (वीर्य), आदि। इन समस्त गुणों का आश्रय (स्थान) आत्मा है।
इस प्रकार, समस्त गुणों का स्थान "आत्मा" या "जीव द्रव्य" है।