Samvar pachkhan batao
सम्वर (Samvar) का अर्थ है—अशुभ कर्मों की आवक को रोकना। सम्वर पंच-प्रकार के होते हैं, जिन्हें 'सम्वर पंचक' या 'सम्वर पाँचक' कहा जाता है। पंचक के लिए पंचकण (पच्खान) व्रत या संकल्प लिया जाता है। सम्वर पंचक निम्नलिखित हैं:
- मनोगुप्ति (मन की निग्रह)
- वचनगुप्ति (वाणी की निग्रह)
- कायगुप्ति (शरीर की निग्रह)
- समिति (सावधानी—पाँच प्रकार की)
- धर्मध्यान (शुभ ध्यान)
पच्खान बोलने का एक सामान्य तरीका (संक्षिप्त रूप में):
“मैं आज के दिन, सम्वर पंचक—मनोगुप्ति, वचनगुप्ति, कायगुप्ति, पाँच समितियाँ और धर्मध्यान का पालन करूँगा/करूँगी। इनके द्वारा होने वाले समस्त पापों की आवक को रोकूँगा/रोकूँगी।”
यदि आप विस्तार से, प्रत्येक पंचक के लिए पच्खान चाहते हैं, तो कृपया बताएं!