Jain dharm me kitne sharir hai? Hindi me jawab dijiyye
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उत्तर
जैन धर्म के अनुसार जीव के मुख्य रूप से 5 प्रकार के शरीर बताए गए हैं।
- 1. औदारिक शरीर — स्थूल भौतिक शरीर, जैसे मनुष्य और तिर्यंच का शरीर।
- 2. वैक्रिय शरीर — रूप बदलने की क्षमता वाला शरीर, जैसे देव और नारकी जीवों का शरीर।
- 3. आहारक शरीर — विशेष आध्यात्मिक प्रयोजन से बना सूक्ष्म शरीर।
- 4. तैजस शरीर — ऊर्जा या तेज से संबंधित सूक्ष्म शरीर, जो पाचन आदि में सहायक माना जाता है।
- 5. कार्मण शरीर — कर्मों से बना अत्यंत सूक्ष्म शरीर, जो जीव के साथ संसार में रहता है।
संक्षेप में
जैन दर्शन में शरीर के पाँच भेद हैं: औदारिक, वैक्रिय, आहारक, तैजस और कार्मण।
इनमें तैजस और कार्मण शरीर संसार में रहने वाले जीव के साथ हमेशा जुड़े रहते हैं, जब तक जीव मोक्ष प्राप्त नहीं करता।