Patrakand kya hai
Patrakand (पत्रकांड) जैन धर्म में एक धार्मिक परंपरा या रस्म है, जिसका संबंध मुख्यतः क्षमापना (क्षमा माँगना) से है। यह परंपरा विशेष रूप से पर्युषण पर्व के दौरान निभाई जाती है। इसमें जैन अनुयायी अपने रिश्तेदारों, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को पत्र या संदेश भेजकर अपने द्वारा जाने-अनजाने में हुई भूलों के लिए क्षमा याचना करते हैं।
पात्रकांड का उद्देश्य अहिंसा, मैत्री और क्षमा की भावना को बढ़ावा देना है। इससे समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और मेल-मिलाप की भावना प्रबल होती है। जैन धर्म में क्षमा को बहुत महत्व दिया गया है और "मिच्छामि दुक्कडम्" (मुझसे कोई गलती हुई हो तो क्षमा करें) कहना या लिखना भी इसी भावना का हिस्सा है।
संक्षेप में, पत्रकांड वह प्रक्रिया है जिसमें लोग आपसी संबंधों को शुद्ध एवं निर्विवाद बनाने हेतु क्षमा याचना करते हैं।