parshwanth bhagwan ke 10 avtar
जैन धर्म के अनुसार, पार्श्वनाथ भगवान (23वें तीर्थंकर) के "10 अवतार" की कोई मान्यता नहीं है। "अवतार" की संकल्पना मुख्यतः वैदिक/हिन्दू धर्म में पाई जाती है, जबकि जैन धर्म में तीर्थंकर होते हैं, जो आत्मज्ञान प्राप्त करके संसार के कल्याण के लिए धर्म का उपदेश देते हैं। जैन परंपरा में पार्श्वनाथ भगवान के जीवन के प्रमुख प्रसंग, चमत्कार, या पूर्व जन्मों की कथाएँ (जैसे कि उनकी पूर्व भव कथाएँ) मिलती हैं, परंतु उन्हें "अवतार" नहीं कहा गया है।
यदि आप पार्श्वनाथ भगवान के जीवन या उनकी शिक्षाओं के बारे में जानकारी चाहते हैं, तो कृपया स्पष्ट करें। अगर आप पार्श्वनाथ भगवान के पूर्व जन्मों (पूर्व भव कथाएँ) के बारे में पूछना चाह रहे हैं, तो कृपया बताएं, मैं उसके अनुसार जानकारी दूँगा।