ओघा _क धार्मिक उपकरण हैं
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ओघा (Ogha) जैन धर्म में एक धार्मिक उपकरण का नाम है। ओघा मुख्य रूप से मुनियों द्वारा उपयोग की जाने वाली एक प्रकार की चादर या वस्त्र होती है, जिसे वे अपने शरीर को ढंकने के लिए प्रयोग करते हैं। विशेषकर श्वेतांबर संप्रदाय के मुनि इसे धारण करते हैं। यह वस्त्र साधु-साध्वियों की मर्यादा और संयम का प्रतीक है। ओघा साधु के लिए अहिंसा, अपरिग्रह और साधु-संयम के पालन का भी संकेत देती है।
इस प्रकार, ओघा जैन मुनियों के धार्मिक जीवन में एक महत्वपूर्ण धार्मिक उपकरण (धर्मिक वस्त्र) है।