14 प्रकार के श्रोताओं मै से एक , उत्तर क साक्षर से दो
जैन धर्म के अनुसार 14 प्रकार के श्रोताओं (श्रुतज्ञान के धारक) का उल्लेख मिलता है। आपके प्रश्न के अनुसार, "उत्तर क साक्षर" (उत्तर का साक्षर) दो उदाहरण देने हैं:
श्रोताओं के प्रकारों में से एक है — "उत्तर क साक्षर"। "उत्तर क साक्षर" का अर्थ है : जो किसी पूछे गए प्रश्न का उत्तर शास्त्र के अनुसार देने में सक्षम हो।
इसके दो उदाहरण:
- आचार्य कुंदकुंद
- आचार्य उमास्वामी
ये दोनों ऐसे श्रोतागण थे, जो शास्त्र के अनुसार उत्तर देने में निपुण थे।