इच्छाओं को रोकने का नाम
इच्छाओं को रोकने का नाम "संयम" (संयम या संवर) है। जैन धर्म में संयम का बहुत महत्त्व है। संयम का अर्थ है अपनी इन्द्रियों, मन, वचन और काया को नियंत्रण में रखना और अनावश्यक इच्छाओं, आसक्तियों और विकारों को रोकना। संयम से ही आत्मा की शुद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है। संयम के बिना साधना संभव नहीं है।