Parshwa Prabhu ke kul bhavo ki sankhya
भगवान पार्श्वनाथ (पार्श्व प्रभु) के कुल 10 (दस) प्रमुख भाव माने गए हैं, जिन्हें "कुल भाव" कहा जाता है। ये 10 कुल भाव इस प्रकार हैं:
- पद्म (कमल)
- धरणेन्द्र (नागराज)
- पद्मावती (यक्षिणी)
- चामर (चंवर)
- अशोक वृक्ष
- मृग (हिरण)
- डमरू (छोटा ढोल)
- बिच्छू
- सिंह (सिंहासन)
- घंटा (घंटी)
इन 10 कुल भावों का उल्लेख पार्श्वनाथ भगवान की पूजा, चतुर्विंशति स्तवन, एवं शास्त्रों में मिलता है। ये भाव पार्श्व प्रभु के साथ जुड़े हुए शुभ प्रतीक, रक्षक देव-देवी, एवं चिह्न हैं।