Sharavk ko kitane varat ucharane ke hai
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जैन धर्म में श्रावक (गृहस्थ अनुयायी) के लिए मुख्य रूप से 12 व्रत (बारहव्रत) का पालन करने का विधान है। ये व्रत निम्नलिखित हैं:
1. पाँच अनुव्रत:
- अहिंसा अनुव्रत
- सत्य अनुव्रत
- अस्तेय (चोरी न करना) अनुव्रत
- ब्रह्मचर्य अनुव्रत (गृहस्थ के लिए सीमित ब्रह्मचर्य)
- अपरिग्रह अनुव्रत
2. तीन गुणव्रत:
- दिग्व्रत
- देशावकाशिक व्रत
- अनुप्रेक्ष (अनर्थदण्ड) व्रत
3. चार शिक्षाव्रत:
- सामायिक व्रत
- प्रोषधोपवास व्रत
- अतिथि-सम्विभाग व्रत
- दिशाव्रत (भोगोपभोग परिमाण व्रत)
इन 12 व्रतों का उच्चारण एवं पालन श्रावकों के लिए आवश्यक बताया गया है। इनका पालन करने से श्रावक आध्यात्मिक प्रगति की ओर अग्रसर होता है।