जिन पूजने कौन सा गोपाल राजा बना
जैन धर्म के अनुसार, "गोपाल राजा" की कथा मुख्यतः लोककथाओं या अन्य धार्मिक ग्रंथों में मिलती है, लेकिन जैन आगमों में गोपाल राजा के पूजन से राजा बनने की कोई विशेष कथा नहीं मिलती। जैन धर्म में पूजा का उद्देश्य आत्मा की शुद्धि और मोक्ष की प्राप्ति है, न कि सांसारिक लाभ या राज्य की प्राप्ति।
यदि आप किसी विशेष जैन कथा या संदर्भ की बात कर रहे हैं, तो कृपया और स्पष्ट करें। लेकिन जैन दर्शन के अनुसार, पूजन का मुख्य उद्देश्य आत्मकल्याण है, न कि सांसारिक उपलब्धियाँ।