Shatrunjay tirth ki kitne prakar se puja karni hai
शत्रुंजय तीर्थ की पूजा मुख्यतः तीन प्रकार से की जाती है:
- सामूहिक पूजा (Collective Worship):
यह तीर्थ पर एकत्रित होकर सामूहिक रूप से की जाने वाली पूजा है, जिसमें कई श्रद्धालु एक साथ मिलकर जिनेंद्र भगवान की आराधना करते हैं।
- एकांतिक पूजा (Individual Worship):
इसमें व्यक्ति अकेले ही शास्त्रों के अनुसार भगवान की पूजा, अभिषेक, शांतिधारा आदि करता है।
- विशिष्ट विधान/रितु अनुसार पूजा (Special Ritualistic Worship):
इसमें विशेष पर्व, मेला, चातुर्मास, महापूजन आदि के अवसर पर विशेष विधान, स्नात्र पूजन, अष्ट द्रव्य पूजन, अष्टप्रकारी पूजा, आदि की जाती है।
मुख्य पूजा विधियाँ:
- अभिषेक (जल, दूध, चन्दन आदि से)
- शांतिधारा
- अष्ट द्रव्य पूजा
- स्नात्र महापूजन
- आरती और मंगलदीप
- स्तुति, चालीसा, भजन आदि का गायन
शास्त्रों के अनुसार, श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है। शत्रुंजय तीर्थराज की पूजा करने से अनंत पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
यदि आपको किसी विशेष पूजा की विधि जाननी है, तो कृपया स्पष्ट करें।