Shubh gandh Lekar a Gaya Hun yah line kaun si Pujan ki hai
“Shubh gandh lekar a gaya hun” पंक्ति साधारणतः Ashta‑Dravya / Ashta‑Prakari Pujan (आठ द्रव्य पूजा) में “Gandh Puja” के दौरान बोली जाती है। यानी जब प्रभु को चंदन/गंध अर्पित किया जाता है, तब भक्त भाव व्यक्त करते हुए यह पंक्ति कहते हैं—“शुभ गंध लेकर आया/आयी हूँ, स्वामी स्वीकार कीजिए” जैसे भाव-वाक्य।
- श्वेतांबर और दिगंबर—दोनों परंपराओं की अष्टद्रव्य पूजा में “गंध” एक मुख्य द्रव्य है; शब्दावली में थोड़ा अंतर हो सकता है, पर अर्थ यही है: प्रभु को पवित्र सुगंध (चंदन) अर्पण करना।