दसवीं कालिक सूत्र की रचना किसके लिए हुई
दशवैकालिक (दसवीं कालिक) सूत्र की रचना आचार्य सय्यम्भव ने मुख्यतः नवदीक्षित बाल‑मुनियों के शिक्षण और आचार‑संहिता के रूप में की थी। परम्परा से कहा जाता है कि इसे उन्होंने अपने बाल‑मुनि पुत्र माणक के मार्गदर्शन के लिए रचा, इसलिए यह विशेषकर आरम्भिक (नवदीक्षित) साधुओं के लिए है।
टिप्पणी: यह श्वेतांबर परम्परा का आगम है; दिगंबर परम्परा इसे canon के रूप में स्वीकार नहीं करती, परन्तु साधुत्व के आचरण‑सूत्र रूप में इसका उपदेश नवदीक्षितों हेतु माना जाता है।