कौन सी माता ने अपने पुत्र को वह आया था
आपका वाक्य स्पष्ट नहीं है, इसलिए संक्षेप में जैन परंपरा की प्रमुख माताएँ और उनके सुपुत्र का उल्लेख प्रस्तुत है:
- मरूदेवी माता — प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ (ऋषभदेव)
- वामादेवी माता — तेईसवें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ
- शिवादेवी माता — बाईसवें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ
- त्रिशला माता — चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर
परम्परा-विभेद:
- श्वेतांबर परंपरा में भगवान महावीर का गर्भ प्रथम देवानंदा ब्राह्मणी के गर्भ में ठहरा, तत्पश्चात् देव-प्रभाव से गर्भ-परिवर्तन होकर महारानी त्रिशला के गर्भ में प्रतिष्ठित हुआ।
- दिगंबर परंपरा में भगवान महावीर की माता केवल महारानी त्रिशला मानी जाती हैं।
यदि आपका आशय किसी विशेष कथा-प्रसंग से है, तो उस प्रसंग का नाम बताने पर वही जानकारी दी जा सकती है।