देवलोक से यहां आए और आरती चौपैसी में वह तीर्थंकर बनेंगे कौन
आरती “चौपैसी” में “देवलोक से यहाँ आए” का संकेत भगवान महावीर स्वामी की ओर है—जो अंतिम (24वें) तीर्थंकर बने।
परंपरागत स्पष्टता:
- श्वेतांबर परंपरा: महावीर का जीव द्वादश स्वर्ग से अवतरित हुआ; भ्रूण-स्थानांतरण की कथा भी बताई जाती है।
- दिगंबर परंपरा: भ्रूण-स्थानांतरण नहीं माना जाता, पर यह स्वीकार है कि तीर्थंकर-जीव देवलोक से अंतिम जन्म के लिए मनुष्य-योनि में अवतरित होते हैं।
इसलिए “देवलोक से आए… वह तीर्थंकर बनेंगे कौन” का उत्तर—भगवान महावीर स्वामी।