Pakhi kya hoti hai
“पाखी” का मतलब बोलचाल की भाषा में “पक्षी” (Bird) होता है।
जैन धर्म के अनुसार:
- पक्षी पंचेन्द्रिय जीव (पंचेन्द्रिय जीवा) माने जाते हैं—उनमें पाँचों इन्द्रियाँ होती हैं और वे त्रास जीव हैं, इसलिए उन्हें कष्ट देना महा हिंसा माना जाता है।
- अहिंसा के व्रत में पक्षियों को नुकसान न पहुँचाना, पिंजरे में न रखना, पंख न काटना, और उनके निवास‑स्थानों को न बिगाड़ना शामिल है।
- दया‑भाव से जल और दाना देना उचित है, पर आसक्ति व अनावश्यक हस्तक्षेप से बचना चाहिए ताकि अन्य सूक्ष्म जीवों की भी हिंसा न हो।