Stavan for mahavir swami
Here is a simple, traditional-style stavan (devotional hymn) for Bhagwan Mahavir. This is a modern devotional composition in simple Hindi, inspired by Jain teachings; it is not from the Jain Agamas.
Mahavir Stavan (Hindi)
- वीतराग प्रभु महावीर, तुम ही हो जीवन का दीप।
- केवलज्ञान प्रभु के चरण, चित्त बने निर्मल-शांत।
- अनेकान्त का सन्देश, करता मन में विस्तार।
- अपरिग्रह का व्रत लेकर, हल्का हो यह प्राण।
- क्षमा-मैत्री करुणा से, रच दे मधुर संवाद।
- समता-समयिक साधना, प्राणों का हो श्रृंगार।
- कठिन क्षण में तुम स्मरूँ, दृढ़ हो श्रद्धा-धीरे।
- वीतराग प्रभु महावीर, तुमसे जीवन उजियार।
सरल अर्थ (arth)
- प्रभु महावीर वीतराग हैं; उनकी अहिंसा, अनेकान्त, अपरिग्रह और संयम की शिक्षा से मन शान्त व निर्मल बनता है।
- क्षमा, मैत्री और करुणा से हम सही संवाद और सद्भाव सीखते हैं।
- समयिक, संयम और आत्म-विकास से मोक्ष-पथ स्पष्ट होता है; प्रभु से यही आशीर्वाद माँगा गया है कि जीवन सत्य, अहिंसा और समता में स्थिर रहे।
यदि आप चाहें, मैं यही stavan देवनागरी के साथ गुजराती लिपि में भी लिख सकता हूँ, या एक संक्षिप्त संस्कृत-वंदना (जैसे “वीरप्रभो नमस्तुभ्यं…”) शैली में प्रस्तुत कर सकता हूँ।