वचा चीरते हुए, दर्द सहते हुए किसे केवलज्ञान हुआ
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जिह्वा चिरते (काटते) समय केवलज्ञान पाने वाले “जिह्वाछेदी केवलि” कहलाते हैं—इनका नाम मुनि वत्स (वच्छ) था।