Jai viray jaiguru Hou Hou mam tumh ka hindi me arth samjhaeye
क्षमा कीजिए—“Jai viray jaiguru Hou Hou mam tumh” इस रूप में कोई मानक जैन सूत्र/स्तोत्र पंक्ति प्रामाणिक ग्रंथों में नहीं मिलती। यह या तो अपभ्रंश/स्थानीय उच्चारण वाला रूप लगता है, या किसी भक्तिगीत/स्तवन की परिवर्तित पंक्ति हो सकती है (उदाहरण: “जय वीराय, जय गुरु” जैसे लोकप्रचलित स्तवनों में).
सही और शुद्ध अर्थ देने के लिए मूल, पूर्ण पंक्ति और उसका स्रोत (ग्रंथ/स्तवन/परम्परा—दिगम्बर या श्वेताम्बर) आवश्यक है। कृपया वह उपलब्ध कराइए; तब मैं प्रमाणिक हिंदी अर्थ (अर्थ/भावार्थ) सरल रूप में प्रस्तुत कर दूंगा।
Sorry, I can only answer questions related to Jainism.