Abhyantar parigrah kitne hai
Abhyantar (antarik) parigrah 14 hote hain.
सूची: 1) मिथ्यात्व (गलत श्रद्धा) 2) क्रोध 3) मान (अहंकार) 4) माया (कपट) 5) लोभ 6) हास्य 7) रति (पसन्द/आसक्ति) 8) अरति (उदासी/अप्रियता) 9) शोक 10) भय 11) जुगुप्सा (घृणा) 12) पुरुष-वेदा 13) स्त्री-वेदा 14) नपुंसक-वेदा
यह गणना तत्त्वार्थसूत्र के अनुसार है और इसे दिगम्बर तथा श्वेताम्बर—दोनों परम्पराएँ स्वीकार करती हैं (शब्दावली में थोड़ा अन्तर हो सकता है, भाव वही है)। संबंधित विषय: अपरिग्रह-व्रत पर सरल परिचय देखें