Kalpasutra upvas Kab h
संक्षेप में:
- “कल्पसूत्र उपवास” श्वेतांबर परंपरा में प्रायः उस दिन रखा जाता है जिस दिन कल्पसूत्र वाचन/महावीर जन्मकल्याणक का वाचन होता है। यह सामान्यतः भाद्रपद शुक्ल 5 (पंचमी) को होता है; कुछ संघों में शुक्ल 6 (छठ) को भी वाचन/उपवास होता है।
- दिगंबर परंपरा में कल्पसूत्र वाचन/उपवास नहीं होता; वहाँ दशलक्षण पर्व मनाया जाता है।
वर्ष 2025 में (स्थानीय पंचांग/संघ निर्णय के अनुसार थोड़ा भेद संभव):
- अधिकतर श्वेतांबर संघों में पर्युषण 20 अगस्त 2025 से 27 अगस्त 2025 तक है।
- महावीर जन्म वाचन (और वही “कल्पसूत्र उपवास” का प्रचलित दिन) अधिकांश जगहों पर रविवार, 24 अगस्त 2025 (भाद्र शुक्ल 5) माना जा रहा है।
- कृपया अपने स्थानीय जैन संघ/मंदिर से अंतिम तिथि अवश्य पुष्टि करें।
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