Vasupal and Tejpal ne kitne sadharmik ko lakhpati banaya
लोक-परंपरा में कहा जाता है कि वस्तुपाल–तेजपाल ने दान‑धर्म और साधर्मिक वात्सल्य से बहुत से साधर्मियों को समृद्ध किया, पर प्रामाणिक जैन ग्रंथों/शिलालेखों में “कितने साधर्मिकों को लाखपति बनाया” इसका निश्चित, विश्वसनीय अंक नहीं मिलता। इसलिए इसका कोई पक्का संख्या-आधारित उत्तर उपलब्ध नहीं है।