84 lakh jivayoni mese 52 lakh jivayoni ko kya nahi he
जैन धर्म के अनुसार, संसार में अनंत प्रकार की जीव योनियाँ (जीवों की उत्पत्ति के प्रकार) मानी जाती हैं। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, 84 लाख (84,00,000) योनियाँ होती हैं। इन 84 लाख योनियों में से, ऐसा कहा जाता है कि 52 लाख योनियाँ ऐसी हैं जिनमें मनुष्य जन्म नहीं मिलता—अर्थात् वे एकेन्द्रिय, बेहोश या अत्यंत निम्न श्रेणी की योनियाँ हैं, जिनमें जीवों का आध्यात्मिक विकास और मोक्ष की संभावना नहीं के बराबर होती है।
मुख्य बातें:
- 84 लाख योनियाँ : समस्त जीवों के जन्म के प्रकार।
- 52 लाख योनियाँ : ऐसी हैं, जिनमें मनुष्य जन्म नहीं मिलता, अर्थात् ये नर्क, तिर्यंच (पशु-पक्षी, कीट-पतंग आदि), वनस्पति आदि की योनियाँ हैं।
- शेष 32 लाख योनियाँ : इनमें देव, मनुष्य और कुछ उच्चतर तिर्यंच योनियाँ शामिल हैं, जहाँ से जीव मोक्ष की ओर बढ़ सकता है।
सारांश: 84 लाख योनियों में से 52 लाख योनियाँ ऐसी हैं, जिनमें मनुष्य जन्म नहीं मिलता और मोक्ष का अवसर नहीं मिलता। शेष 32 लाख योनियों में जीव को मनुष्य जन्म या मोक्ष का मार्ग मिल सकता है।