नाचते नाचते केवल ज्ञान किस को हुआ
लोकप्रसिद्ध जैन कथा के अनुसार — नर्तकी अंजनाबाई (अंजना) को। कहा जाता है कि नृत्य करते‑करते उन्हें अनित्यता का गहरा बोध हुआ, उसी से वैराग्य उत्पन्न हुआ; आगे दीक्षा लेकर कठोर साधना से उन्होंने अंततः केवलज्ञान प्राप्त किया।