साधु साध्वी कितने अनाचार टालते है
साधु–साध्वी 25 अतिचार (अर्थात 5 महाव्रत × प्रत्येक के 5-5 अतिचार) टालते हैं।
- यह व्यवस्था दिगम्बर और श्वेताम्बर – दोनों परम्पराओं में मान्य है; नाम/सूक्ष्म व्याख्या कहीं-कहीं अलग हो सकती है, पर संख्या 25 ही मानी जाती है।
- “अनाचार” शब्द सामान्यतः व्रत का पूर्ण भंग (गंभीर उल्लंघन) है; इसलिए साधु–साध्वी उससे सर्वथा बचते हैं, और उसकी ओर ले जाने वाले ये 25 “अतिचार” भी नहीं करते।