Anuppaaahe ka arth
“Anuppāhe” (अनुप्पाहे/अनुप्पाहाए) Ardhamāgadhī (जैन प्राकृत) का शब्द है। इसका साधारण अर्थ है:
- बिना उपद्रव/बाधा के, निर्विघ्न
- अहानिकर, किसी को हानि न पहुँचाने वाला
- शान्त, निष्कलुष अवस्था
जैन ग्रंथों में यह शब्द प्रायः ऐसे संदर्भों में आता है जहाँ धर्म, साधना या अवस्था “बिना किसी विघ्न और हानि के” बताई जाती है। Digambar और Shwetambar दोनों परंपराओं में इसका यही भाषिक अर्थ स्वीकार है; भेद केवल संदर्भ/पाठ-परम्परा में हो सकता है, अर्थ में नहीं।
यदि आप पूरा वाक्य/श्लोक बताएँ जिसमें “Anuppāhe” आया है, तो उसी संदर्भ के अनुसार सटीक अर्थ-व्याख्या अगली बार दे दूँगा।