चौदह पूर्वधर अभी तक कितने हुए
जैन धर्म के अनुसार "चौदह पूर्वधर" वे महान ज्ञानी आचार्य होते हैं जिन्हें चौदह पूर्वों (जिन्हें 'पूर्वागम' कहा जाता है) का सम्पूर्ण ज्ञान कंठस्थ था। यह ज्ञान अत्यंत उच्च स्तर का और कठिन माना जाता है।
शास्त्रों के अनुसार, भगवान महावीर स्वामी के निर्वाण के पश्चात् कालक्रम में पूर्वागम का ज्ञान लुप्त होता गया। अंतिम चौदह पूर्वधर आचार्य श्री भद्रबाहु स्वामी माने जाते हैं। उनके बाद चौदह पूर्व का सम्पूर्ण ज्ञान रखने वाला कोई नहीं रहा।
इस प्रकार, भगवान महावीर के समय से लेकर आचार्य भद्रबाहु स्वामी तक अनेक पूर्वधर हुए, लेकिन ऐतिहासिक रूप से अंतिम "चौदह पूर्वधर" श्री भद्रबाहु स्वामी को ही स्वीकार किया जाता है।
संक्षेप में: अभी तक अंतिम चौदह पूर्वधर श्री भद्रबाहु स्वामी हुए हैं। उनके बाद कोई भी चौदह पूर्वधर नहीं हुआ।