Biyasana me subah me khana kab kha sakte hai
“Biyasana” (बियासन) का अर्थ है—एक ही दिन में केवल दो बार, दो अलग-अलग आसन/बैठकों में, दिन के उजाले में ही भोजन लेना।
सुबह भोजन कब?
- श्वेतांबर परंपरा: सूर्योदय के कम-से‑कम 48 मिनट बाद (नवकारसी) ही पहला आहार लें। उदाहरण: यदि 6:00 बजे सूर्योदय है, तो 6:48 बजे के बाद खाना उचित है.
- दिगंबर परंपरा: केवल दिन में (सूर्योदय के बाद) ही आहार; सामान्य मर्यादा यही कि पहला आहार सूर्योदय के बाद लें, रात में कुछ न लें. विस्तृत मर्यादा गुरुपरंपरा अनुसार मानी जाती है.
बियासन की सरल मर्यादाएँ
- केवल दो बैठकों में ही आहार; बीच में कुछ न खाएँ.
- सारा आहार दिन में ही पूरा करें; सूर्यास्त से पहले दूसरा आहार भी समाप्त कर दें.
- जल बोला/छना हुआ ही लें; रात में जल से भी विरति रखना श्रेयस्कर माना गया है.
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