Samuchim panchindiya jeev ke kitne pran hote hae
Sañjñī (samuchit/समुचित) pañchendriya jīv ke 10 prāṇ hote हैं.
ये 10 प्राण:
- 5 इन्द्रिय-प्राण: स्पर्श, रसना, घ्राण, चक्षु, श्रवण
- वचन-प्राण (भाषण)
- मन-प्राण
- शरीर-प्राण
- श्वासोच्छ्वास-प्राण
- आयु-प्राण
टिप्पणी:
- जो पंचेन्द्रिय अ-संज्ञी (बिन मन) होते हैं, उनके 9 प्राण माने जाते हैं (मन-प्राण नहीं)।
- इस विषय में दिगंबर और श्वेतांबर परंपराओं में सिद्धांततः यही स्वीकार है।