Shravak ki book in hindi और pdf
जैन धर्म में श्रावक (गृहस्थ अनुयायी) के कर्तव्य, आचार और आस्था से संबंधित कई पुस्तकें उपलब्ध हैं। हिंदी में "श्रावक धर्म" या "श्रावकाचार" जैसे नामों से पुस्तकें प्रसिद्ध हैं। कुछ प्रमुख पुस्तकें और उनके बारे में जानकारी:
- श्रावकाचार – आचार्य समंतभद्र द्वारा रचित यह ग्रंथ श्रावकों के कर्तव्यों का विस्तार से वर्णन करता है।
- श्रावक धर्म – विभिन्न जैन आचार्यों द्वारा लिखित पुस्तकें, जिनमें श्रावकों के आचार, व्रत, नियम आदि बताए गए हैं।
- जैन श्रावकाचार – आचार्य जिनसेन, आचार्य समंतभद्र आदि द्वारा रचित।
PDF प्राप्त करने के लिए:
- आप जैन बुक्स (jainlibrary.org) पर जाएँ।
- वहाँ सर्च बॉक्स में "श्रावकाचार" या "Shravak Dharma" या "जैन श्रावकाचार" टाइप करें।
- आपको हिंदी में कई पुस्तकें और उनकी PDF नि:शुल्क डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध होंगी।
उदाहरण के लिए: https://jainlibrary.org/ https://jainelibrary.org/
इन वेबसाइट्स पर आप "श्रावकाचार" PDF के रूप में हिंदी में आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
यदि आपको किसी विशेष श्रावकाचार ग्रंथ का नाम या लिंक चाहिए, कृपया बताएं।