Bhagwan mahavir janam vachan
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“Janam Vachan” का अर्थ है—भगवान महावीर के जन्म-समय हुए शुभ संकेतों का कथन और उस पर देवों/विद्वानों द्वारा दिया गया मंगल-उच्चार (प्रोक्लेमेशन/भविष्य-वचन)। संक्षेप में परंपरागत Jain वर्णन:
- महारानी त्रिशला के स्वप्न:
- जन्म और अभिषेक:
- नामकरण और अर्थ:
- परंपरागत भिन्नताएँ:
यदि आप “महावीर जनम वचन” शीर्षक से प्रचलित समुदाय-भजन/स्तवन की बात कर रहे हैं, तो वह लोक-रचना है (ग्रंथ-सूत्र नहीं)। उसका भाव यही है—भगवान के जन्म की महिमा, त्रिशला के स्वप्न और इंद्रादि देवों द्वारा किया गया मंगल-घोष।