समवशरण किसका स्थल है?
समवशरण तीर्थंकर भगवान की दिव्य धर्मदेशना का स्थल है। केवलज्ञान प्राप्त होने पर देवों द्वारा यह दिव्य उपदेश‑मंडप बनता है, जहाँ सभी जीव बिना भेदभाव के तीर्थंकर की दिव्य ध्वनि (Divya‑Dhwani) से उपदेश सुनते हैं। दोनों परंपराएँ (दिगंबर और श्वेतांबर) इसे तीर्थंकर के उपदेश‑स्थल के रूप में मानती हैं।