विसहर फुलिंग मंत्र
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“विषहर फुलिंग मंत्र” नाम से कोई प्रमाणित जैन आगमिक/परंपरागत मंत्र मुझे प्रामाणिक ग्रंथों में नहीं मिलता। जैन परंपरा में “विष/उपासर्ग शमन” हेतु जो प्रामाणिक और सर्वमान्य स्तोत्र/मंत्र प्रचलित हैं, वे हैं:
- उवासग्गहरं (उपासर्गहर स्तोत्र) — आचार्य भद्रबाहुकृत, दोनों परंपराओं में मान्य।
- भक्तामर स्तोत्र — दिगम्बर परंपरा में विशेष रूप से प्रचलित; श्वेतांबर भी श्रद्धा से पाठ करते हैं।
- श्री पद्मावती स्तुति/नाम-स्मरण — प्रभु पार्श्वनाथ की यक्षी पद्मावती के प्रति श्रद्धा का स्तवन (परंपरात्मक, आगम-आधारित मर्यादाओं के साथ)।
यदि आपका उद्देश्य “विष-उपासर्ग शमन” हेतु जैन परंपरा का प्रमाणित पाठ सीखना है, तो इन्हीं मान्य स्तोत्रों का शुद्ध उच्चारण, आराधना और अनुपालन करें।