११ Gandhar me Shashan ki bagdor kisne sambhali
11 गणधर में शासन की बागडोर Sudharma Swami (सुधर्मा स्वामी) ने संभाली; उनके बाद यह उत्तरदायित्व Jambu Swami (जम्बूस्वामी) ने निभाया। परंपरा में बताया गया है कि महावीर प्रभु के निर्वाण के तुरंत बाद गौतमस्वामी को केवलज्ञान हो गया, इसलिए संघ-नेतृत्व सुधर्मा स्वामी ने ग्रहण किया। यह बात श्वेतांबर और दिगंबर—दोनों परंपराओं में स्वीकारी जाती है; केवल तिथियों में मतभेद मिलते हैं।