Paap karma ki kitni sidiya hai
संक्षेप में: पाप “नव तत्त्व” में से एक है; यह 8 कर्मों का अलग प्रकार नहीं है। व्यवहार में पाप के मुख्य वर्ग/सीढ़ियाँ इस प्रकार मानी जाती हैं:
- 5 मुख्य सीढ़ियाँ (सर्वमान्य – दिगंबर और श्वेतांबर दोनों में)
- विस्तार रूप में 18 “पाप‑स्थान” भी बताए जाते हैं, जो इन पाँच की ही सूक्ष्म दशाएँ/रूप हैं।
इसलिए, अगर आप “पाप कर्म की कितनी सीढ़ियाँ” पूछ रहे हैं, तो उत्तर प्रायः 5 माना जाता है; और विस्तृत सूची में 18 पाप‑स्थान बताए जाते हैं।