भगवान महावीर ने प्रथम चातुर्मास में कितने अभिग्रह लिए
आगमों/कल्पसूत्र में भगवान महावीर का प्रथम चातुर्मास “अस्थिग्राम” में बताया गया है, पर “उस प्रथम चातुर्मास में कितने अभिग्रह लिए” – इसकी संख्या का स्पष्ट उल्लेख प्रामाणिक ग्रंथों में नहीं मिलता। परंपरागत कथाओं में “तेरह बोल का अभिग्रह” प्रसिद्ध है, पर वह चातुर्मास-विशेष (प्रथम चातुर्मास) से नहीं जोड़ा गया, वह अलग प्रसंग है जिसे चंदनबाला ने पूर्ण किया।