भगवान महावीर के केवल ज्ञान के बाद कौन सा रोग हुआ
भगवान महावीर को केवलज्ञान के बाद अतिसार (दस्त) रोग हुआ बताया गया है। यह उनके अंतिम दिनों, पावापुरी के पास, निर्वाण से ठीक पहले की घटना के रूप में वर्णित है। केवली होने के कारण यह कष्ट केवल शरीर तक सीमित था; आत्मा निर्विकार रही। Digambar और Shwetambar दोनों परंपराओं में इसका उल्लेख मिलता है, भाव एक ही है—देहधर्म अलग है, आत्मधर्म अलग।