इस मार्ग पर कोई चक्रवर्ती सम्राट निकले है, ये किसने कहा?
परंपरागत जैन चरित्र-कथाओं के अनुसार यह वाक्य सामुद्रिक-विद्या के जानकार “पुष्य” ने कहा था। उन्होंने मार्ग में दिखे चरण-चिह्न देखकर कहा कि “इस मार्ग से तो कोई चक्रवर्ती सम्राट गुजरे हैं,” और आगे चलकर वही चरण-चिह्न भगवान महावीर के निकले।
महावीर स्वामी के जीवन से संबंधित संदर्भ: