भगवान महावीर कितनी बार मनुष्य बन
जैन आगम-परंपरा के अनुसार भगवान महावीर के कुल 27 जन्मों (भव) का वर्णन मिलता है। इनमें वे 14 बार मनुष्य योनि में जन्मे—क्रमांक: 1, 3, 5, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18, 22, 23, 25 और 27 (अंतिम जन्म वर्धमान महावीर के रूप में). ( mahavirvachan.com, bhagwanmahavir.blogspot.com)
श्वेतांबर और दिगंबर परंपराओं में नामों/कथानक के विवरण में थोड़े भेद मिलते हैं, पर मनुष्य-जन्मों की संख्या (14) और कुल उल्लिखित भव (27) एक ही मानी जाती है। ( jainqq.org)