Dashvaikalika sutr mai साधूजी ke kitne अनाचारों ka वर्णन kiya gaya hai ??
दशवैकालिक सूत्र (श्वेताम्बर आगम) के तृतीय अध्ययन “क्षुल्लकाचार-कथा” में साधु के अनाचारों का विवेचन है। टीकाओं के अनुसार इनकी कुल संख्या अलग-अलग बताई गई है:
- अनेक परम्पराओं में 52 अनाचार माने जाते हैं (सबसे प्रचलित गणना)।
- कुछ आचार्यों ने 53 या 54 तक की गणना भी मानी है (गणना-भेद मुख्यतः कुछ युग्मों को एक/अलग मानने से होता है)।
परम्परा-भेद:
- श्वेताम्बर परम्परा: उपर्युक्त भिन्न-भिन्न गणनाएँ (52/53/54) मिलती हैं; विषय दशवैकालिक के तृतीय अध्ययन में है।
- दिगम्बर परम्परा: दशवैकालिक को आगम रूप में स्वीकार नहीं करती; अतः साधु-अनाचारों की यह गणना वहाँ इसी सूत्र पर आधारित नहीं बताई जाती।