Neminath bhagwan ka aayusha
Neminath Bhagwan (22वें तीर्थंकर) की आयुष्या परंपरागत Jain ग्रंथों में 1000 वर्ष मानी गई है। श्वेतांबर परंपरा में स्पष्टतः 1000 वर्ष कहा गया है; दिगंबर परंपरा में भी सामान्यतः यही मान्य है। यह आयुष्या जैन कालचक्र (अवसर्पिणी) के सिद्धांत के अनुसार पारंपरिक आकलन है, ऐतिहासिक तिथियाँ नहीं।
संदर्भ: