saat tatva batao
जैन धर्म के अनुसार, सात तत्त्व (सप्त तत्त्व) ये हैं:
- जीव (Jiva) – चेतन तत्व, अर्थात् आत्मा या जीव।
- अजीव (Ajiva) – अचेतन तत्व, अर्थात् जो आत्मा नहीं है, जैसे पुद्गल (पदार्थ), धर्म, अधर्म, आकाश, काल।
- आस्रव (Asrava) – कर्म का प्रवाह, अर्थात् कर्मों का आत्मा में प्रवेश करना।
- बंधन (Bandha) – आत्मा में कर्मों का बंधना।
- संवर (Samvara) – कर्मों के प्रवाह को रोकना।
- निर्जरा (Nirjara) – बंधे हुए कर्मों का क्षय करना।
- मोक्ष (Moksha) – कर्मों से पूरी तरह से मुक्त होकर आत्मा का शुद्ध स्वरूप प्राप्त करना (मोक्ष या मुक्ति)।
ये सात तत्त्व जैन धर्म के दर्शन और मोक्ष मार्ग के आधार स्तम्भ माने जाते हैं।