Show me tivihar upvas pachkam
यह पाठ “तिविहार उपवास पच्चक्खाण” (Tivihar Upvas Pachkhan) का मूल स्वरूप है। नीचे वही मूल पाठ दे रहा हूँ और उसके सरल अर्थ भी संक्षेप में बताता हूँ।
Original text (पच्चक्क्खाण का मूल भाग)
- Sure uggae abbhattattham pachakkhāi (pachkkhāmi); tiviham pi āhāram, asāṇam, khaāim, sāim, annaththā-bhogenam, sahasā-gāreṇam, pāritthāvaṇiyā-gāreṇam, mahattarā-gāreṇam, savvasamāhi-vattiyā-gāreṇam,
- (नोट: ऊपरasted पाठ का एक संক্ষেপित फोटो-रूप है; वास्तविक संकलन में देवनागरी/ब्राह्मी आदि में छोटे-छोटे अक्षर-भिन्नताएं आ सकती हैं)
What it means (सरल अर्थ)
- Upvas (उपवास) का मतलब: सूर्योदय से अगले दिन सूर्योदय तक खाना-पीना-औषधि लेने से बचना.
- तीन प्रकार की चीजें लें न लें:
- आगे के भाग में शुद्धि और आत्म-ध्यान के उपाय व प्रतिष्ठान बताए गए हैं, जैसे: सन्न्यास-गृह, पारायण, आदि का पालन; पानी पीते समय नौकर-नवकारा जाप करना इत्यादि जैसी मान्य रीतियाँ शामिल हो सकती हैं।
- यह उपवास आत्म-शुद्धि, इच्छा-नियन्त्रण और कर्म-निकास के लिए किया जाता है। परंपरा के अनुसार यह साधना Karma nirjara (कर्म के नष्ट होने) की ओर प्रेरित करती है।
Tradition notes (खास बातें)
- Digambar बनाम Shwetambar के बीच पाठ का मूल अर्थ और प्रयोजन एक जैसा माना जाता है; शाखागत शब्द-भिन्नताएं कभी-कभी स्थानीय पाठों में मिल सकती हैं, पर प्रमुख तत्त्व वही रहते हैं: तीन प्रकार के आहार से विरक्ति, केवल बोईल जल की अनुमति, और समय-सारिणी के अनुसार vrata-पालन.
- यदि आप किसी खास मत-परम्परा के शब्द-रूप पर अधिक स्पष्ट भिन्नता चाहें, बताइए, मैं Digambarश्वेतांबर परंपराओं के अनुरूप बारीकी से बताऊँगा।
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अगर आप चाहें तो मैं उपवास-पच्चक्खाण के Texte का पूर्ण बहु-भाषायी प्रस्तुति (हिंदी/अंग्रेज़ी/संस्कृत-लेखन) भी बना दूँ।