जैन धर्म के अनुसार उपवास के दिन ब्रश कैसे करना चाहिए
संक्षेप में جैन धर्म के अनुसार उपवास/ vrat के दिनों_brushing_ को लेकर निम्न बातें मान्य हैं:
- सामान्य रूप से ब्रश करना उचित है, बशर्ते हानिप्रद (हिंसा) कम रहे। तौलिमन (mati) और दन्तपेस्ट के स्वादन से बचना चाहिए ताकि कुछ भी अनजाने में निगला न जाए।
- खास तौर पर उपवास/प्रत्याहार दिनों में साधारण नियम यह हैं:
Digambar बनाम Shvetambar के अनुसार कुछ छोटेAmbient भिन्न हो सकते हैं, पर मूल विचार यही रहता है: उन दिनों हानि न्यूनतम रहे, और ब्रशिंग सुरक्षा और शुद्धता के साथ हो।
यदि आप अपने समुदाय के विशेष नियम जानते हैं, वही पालन करें। नीचे संबंधित सारांश पृष्ठों से अधिक जानकारी मिल सकती है:
- Can we brush i beashna (ब्रश करने की संभावनाएं उपवास में) ( jainknowledge.com)
- Brushing teeth during fasting (उपवास के दौरान ब्रशिंग) ( jainknowledge.com)