jian dharm ke hisab se kya madira peena acchi baat hai
संक्षिप्त उत्तर: हाँ, Jain धर्म के अनुसार मदिरा पीनाय मना है। यह अहिंसा, संयम और आत्म-शुद्धि के रास्ते के विरुद्ध माना जाता है।
मुख्य बातें:
- समाज में रहने वाले Jain समुदाय के लिए भी मदिरा का सेवन निषेध माना जाता है; इसे अहिंसा और शुद्धि के मार्ग के अनुरूप नहीं माना जाता।
- अनीश्वर, अनुशासन और मोक्ष के मार्ग में शराब या किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहना उचित माना गया है।
- Digambar और Shwetambar दोनों परंपराओं में इस बात की समग्री समान मानी जाती है: मदिरा सेवन से रोकना चाहिए ताकि मानसिक शुद्धि और आत्म-नियंत्रण बना रहे।
- चिकित्सा कारण या अस्थायी आवश्यकताओं जैसी कुछ स्थितियों में भी Jain शास्त्र सामान्यतः संयम और विवेक का पालन करने की सलाह देते हैं; इसमें व्यक्तिगत मार्गदर्शन आवश्यक हो सकता है।
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