Vo koun si rani th jinhe pati ke saath saath moksh hua
Līlāvatī (Lilavati) वह रानी थीं जिनके साथ उनके पति राजा Simha/Sinha ने भी mokṣ प्राप्त किया। यह कथा Śvetāmbara Jain साहित्य की Līlāvatīsāra (Nirvāṇa-Līlāvatī kahā) में आती है: राजा Simha और रानी Līlāvatī दोनों अंत में पूर्ण ज्ञान (kevala-jñāna) और मोक्ष को प्राप्त होते हैं। Digambara बनाम Śvetāmbara traditions में विवरणों में कुछ मतभेद होते हैं, पर मुख्य बात यही है कि रानी Līlāvatī ने अपने श्रीपति के साथ मोक्ष पाया।