Terrapanth va bispanthi
Terrapanth और Bisapanthi दो प्रमुख उप-सम्प्रदाय (sub-sects) हैं, जो खासकर Digambar जाति में देखी जाती हैं. इन दोनों के बीच पूजा-विधि, आचार-व्यवहार और नेतृत्व में फर्क है.
- किस धर्म-प्रवाह से: Svetambar/Jain समुदाय में एक विशिष्ट Terapantha उप-सम्प्रदाय माना जाता है (एक आचार्य के आधीन एक ही पथ-निर्देश मानते हैं).
- प्रतीक-पूजा: तिर्थंकरों की मूर्तियों की पूजा करते हैं, लेकिन अन्य देव-देवताओं (जैसे क्षेत्र-पाल, पद्मावती आदि) की मूर्तियों की पूजा नहीं करते.
- पूजा शैली: आसीन होने के बजाय खड़े होकर पूजना; “अक्षत” (सSacred rice) आदि साब्तक-सामग्री से पूजा करते हैं और प्रसाद वितरण सामान्यतः नहीं होता.
- अनुशासन: एक ही आचार्य के निर्देशों का पालन, कठोर आचार-व्यवहार, ध्यान (dhyāna) और साधना पर बल.
- मुख्य तथ्य: यह संप्रदाय 18वीं-19वीं सदी में उत्तर भारत में मजबूत हुआ और मौलिक संरचना में एक आचार्य के अधीनता पर जोर देता है।
- किस धर्म-प्रवाह से: Digambar Jain समुदाय का एक उप-सम्प्रदाय.
- प्रतीक-पूजा: तिर्थंकरों के साथ-साथ क्षेत्रपाल, पद्मावती आदि Deities की मूर्तियों की पूजा करते हैं; मूर्तियों के लिए फूल-फल आदि सामग्री भेंट देते हैं.
- पूजा शैली: मूर्तियों की आरती/प्रसाद आदि प्रकार के Rituals करते हैं; कुछ जगहों पर खड़े होकर पूजा करना या बैठकर पूजा दोनों देखी जाती है.
- नेतृत्व-व्यवस्था: Bhattaraka (भट्टारक) नामक धार्मिक-आर्कियस का नेतृत्व मानते हैं.
- मुख्य तथ्य: यह Digambar संप्रदाय की पुरानी धारा मानी जाती है और मूर्तिपूजा के पारंपरिक रूप को बनाए रखती है।
- Taranapanth/Samaiyapanth (तीरनापंथ)
- यह Terapanth/ Bisapantha से अलग एक और उप-सम्प्रदाय है.
- प्रमुख 특징: मूर्ति-पूजा नहीं; तीर्थ-शास्त्रों या साहित्य की पूजा-उपासना पर जोर, outward धार्मिक क्रियाओं में कमी।
- उद्देश्य: शास्त्र-आधारित साधना और साधु-समाज के मार्ग के अनुकरण पर अधिक केंद्रित।
क्यों ये फर्क संभव हैं:
- Digambar-सम्प्रदाय में उप-सम्प्रदाय बनते रहे हैं क्योंकि वे आचार, मूर्तिपूजा, भट्टारक-प्रणालियाँ आदि पर अलग-अलग दृष्टिकोण रखते हैं.
- Svetambar Terrapantha भी है, जो एक अलग दिशा में संगठित है (एक आचार्य, साधना+ध्यान पर बल), जबकि Digambar Bisapantha- Terapantha दोनों में भिन्न-भिन्न रीति-रिवाज चलते हैं।
अगर आप चाहें, मैं इन उप-सम्प्रदायों के बारे में अधिक विस्तार से उनके प्रमुख ग्रंथों, त्यौहारों और आज की स्थिति के बारे में सरल bullets के साथ बता सकता हूँ.