Samvosaran meaning in hindi
Samavasaran (समवसरण) का अर्थ हिंदी में
- यह एक दिव्य, मेरुप्राप्त सभा है जो जैन धर्म के अनुसार Tirthankara (तीर्थंकर) के ज्ञान प्राप्ति के बाद बनती है। इस सभा में तिर्थंकर हर किसी को प्रभावित तरीके से प्रवचन करते हैं—मनुष्य, जीव-जंतु, देव-वत्स आदि सभी उनकी बात समझ पाते हैं।
- Sabha या मंच वही दिव्य प्रांगण है जिसे देवताओं ने बनवाया माना जाता है और जो चारों तरफ से सुगम रहता है।
संक्षेप में: Samavasaran वह दिव्य preaching hall है जहाँ तीर्थंकर सभी जीवों को समान रूप से धर्मप्रचार करते हैं, जब वे kevala jnana ( omniscience) पाते हैं।
नोट:
- इस अवधारणा में Digambar और Shwetambar दोनों में सामान्य समानता है, हालांकि कुछ पाठों में विवरणों में सूक्ष्म भिन्नताएँ मिलती हैं, पर मूल विचार वही है: एक सार्वजनीन शिक्षण मंच जो सभी के लिए खुला है।